तहसीलदार और टीआई की मौजूदगी में हाउल ग्रुप के अवैध निर्माण पर चलाया बुलडोजर ।

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तहसीलदार और टीआई की मौजूदगी में हाउल ग्रुप के अवैध निर्माण पर चलाया बुलडोजर ।

 

बरोठा समीपस्थ ग्राम शुक्रवास के जंगल में एक आदिवासी की जमीन लेकर संदिग्ध गतिविधियां संचालित करने के मामले में पुलिस द्वारा हाउल ग्रुप के सौरभ बनर्जी को जेल भेजने के बाद सोमवार को राजस्व विभाग ने हाउल ग्रुप द्वारा नियम विरुद्ध किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। उल्लेखनीय की शुक्रवासा के जंगल में हाउल ग्रुप के सौरभ बनर्जी व अन्य पर ग्रामीणों ने संदिग्ध गतिविधियां संचालित करने के आरोप लगाए थे । इसे लेकर पिछले दिनों काफी बवाल हुआ था । इंदौर में हाउल ग्रुप के सदस्यों की हिंदू संगठन के पदाधिकारी ने पिटाई कर दी थी, उधर जांच के दौरान धार्मिक भावनाएं हाथ करने का मामला सामने आने पर बरोठा पुलिस ने हाउल ग्रुप के सौरभ बनर्जी के खिलाफ धारा 299 बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था । आरोपी सौरभ बनर्जी को दो बार रिमांड पर लेने के बाद उसे जेल भेज दिया गया था । उधर अवैध निर्माण को लेकर सोमवार को प्रशासन की टीम बरोठा तहसीलदार पूजा भाटी बरोठा थाना टीआई अजय सिंह गुर्जर के नेतृत्व में शुक्रवासा के जंगल में पहुंची । यहां जेसीबी के माध्यम से हाउल ग्रुप द्वारा नियम विरुद्ध किए गए निर्माण को ध्वस्त किया गया । जंगल में बने अवैध निर्माण तोड़ते समय बड़ी संख्या में ग्रामीण जन मौजूद रहे ।

 

पिछले दिनों किया था नोटिस चस्पा

 

उल्लेखनिय है कि उधर पुलिस के अलावा राजस्व विभाग द्वारा जब मामले की जांच की गई तो सामने आया कि सौरभ बनर्जी ने फर्जी तरीके से आदिवासी परिवार के साथ अनुबंध किया । विभाग ने जब सैटेलाइट डाटा निकाला तो खुलासा हुआ कि यह 2022 से वहां रह रहा था और आदिवासी परिवार से अनुबंध 2025 में किया गया । वहीं नियमानुसार किसी आदिवासी की जमीन का अनुबंध करने के लिए कलेक्टर की अनुमति जरूरी होती है लेकिन इस मामले में बिना कलेक्टर की अनुमति के अनुबंध किया गया ।राजस्व विभाग की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने स्टांप रजिस्ट्रेशन एक्ट का भी उल्लंघन किया है । आदिवासी परिवार की जमीन लेने के लिए आरोपी ने 10 साल का अनुबंध किया जबकि नियमानुसार किसी भी आदिवासी की जमीन 5 साल से ज्यादा के लिए लीज पर नहीं ली जा सकती हैं । वही आदिवासी परिवार की जमीन भी औने पौने दाम पर ₹2000 प्रति माह के हिसाब से लीज पर ली गई जांच के बाद राजस्व विभाग द्वारा संबंधित को नोटिस जारी किया गया था । साथ ही उसके ठिकाने पर नोटिस भी चस्पा किया गया था ।

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